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चर्चित गुप्ता दंपति हत्याकांड मामले मे औरों के गर्दन तक पहुंच सकते हैं सीबीआई के हाथ

कबीर बस्ती न्यूजः

बदायूं: चर्चित गुप्ता दंपति हत्याकांड की जांच कर रही CBI टीम अब पहले आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करेगी। जबकि इसके बाद उसका नार्को टेस्ट कराया जाएगा। इस रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर टीम अगली कार्रवाई करेगी। फिर चाहे इस मुकदमे में टीम को कुछ अन्य नाम भी बढ़ाने पड़ जाएं।

गुप्ता दंपति हत्याकांड में 6 साल बाद CBI ने नवंबर में योगेश नाम के युवक को गिरफ्तार किया था। CBI के मुताबिक, योगेश के बड़े भाई उदय प्रकाश ने दंपति की हत्या की है। उदय प्रकाश ने साल 2019 में आत्महत्या कर ली, लेकिन योगेश को इस पूरे मामले की जानकारी थी। वारदात की वजह दंपति के पास मौजूद गिरवी का भारी मात्रा में सोना लूटना बनी। बुजुर्ग दंपति को मारकर उनका सोना उदय प्रकाश ने लूटा था और इसके बाद इस सोने को गलवाकर उदय और योगेश ने रकम बैंक में डाली। जबकि इस रकम को आरोपियों ने मन-माफिक अंदाज में ऑनलाइन और ऑफलाइन खर्च किया।

ऐसे उदय तक पहुंची टीम

दंपति के घर से चंद कदम दूर उदय प्रकाश रहता था। घटनास्थल से पुलिस को जो ब्लड सैंपल मिले थे, उनमें दंपति के अलावा एक अन्य व्यक्ति का भी खून था। CBI ने समूचे इलाके की सैंपलिंग कराई थी। तकरीबन 66 लोगों की सैंपलिंग मिलान के बाद एक नमूना उदय प्रकाश से मिला तो CBI ने उसके घर पर रेड की।

योगेश ने कबूलापता थी कत्ल की दास्तां

CBI के मुताबिक, उदय के भाई योगेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने कबूला कि वह जानता है कि उदय ने पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया था। सोना एक सर्राफा कारोबारी से गलवा दिया और मोटा कैश मिला। इससे आराम का वक्त बिताया। घटना वाली रात उदय घर लौटा तो उसके कपड़ों पर खून लगा था और साथ में काफी सोना लाया था। इसी आधार पर CBI ने योगेश को लखनऊ में तलब करके गिरफ्तारी दिखा दी।

अब नार्को टेस्ट में कबूलेगा राज

CBI का कहना है, अदालत से अनुमति मिलते ही आरोपी का नार्को कराया जाएगा। हालांकि अनुमति की प्रक्रिया काफी हद तक पूरी हो चुकी है, लेकिन कोरोना काल के कारण उसे कोर्ट में पेश नहीं कर पा रहे हैं। जबकि इसके बाद टेस्ट के लिए CBI मुख्यालय से रकम का एप्रूवल लिया जाएगा। अहमदाबाद में टेस्ट होगा और इसके लिए वहां की टीम निश्चित तारीख देगी। रिपोर्ट में भी वक्त लगेगा। ऐसे में फिलहाल उसके खिलाफ धारा 120 बी के तहत चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

ये था हत्याकांड

सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कटरा ब्राह्मपुर में रहने वाले रिटायर्ड इंजीनियर विजेंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी शन्नो का शव 8 अप्रैल 2015 को घर में सड़ी हुई हालत में मिला था। शुरुआत में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया, जबकि बाद में विवेचना CBI को ट्रांसफर कर दी गई। कई पहलुओं पर जांच के बाद CBI ने गिरफ्तारी की।

दंपति के सबसे छोटे बेटे मुकुल गुप्ता का बरेली में जून 2007 में कथित एनकाउंटर किया गया था। विजेंद्र के प्रयासों से इस मामले की जांच भी CBI ने की और एक IPS समेत एनकाउंटर करने वाली टीम दोषी बनी। इन सभी के खिलाफ CBI पहले ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इसी कारण दोहरा हत्याकांड का मामला तूल पकड़ा था।