Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
अराजकता व अपराध के आग मे झुलस रहा है बस्ती का रेलवे स्टेशन रेलवे स्टेशन पर अवैध धन उगाही पर किया सवाल तो पत्रकार को मिली जान से मार देने की धमकी घारी मे टीनशेड के नीचे बिना पंजीकरण के चल रहा है कथित मेडिकल कालेज, तमाशबीन बना स्वास्थ्य प्रशासन सीएमओ का नटवरलाल स्टेनो अनिल चौधरी का कारनामाः 15 दिनो तक दबा कर बैठा रहा सीएमओ का जांच आदेश जब डाक्टर ही बन जाये लुटेरा फिर कैसे हो मरीजों का उचित इलाज, 6 दिन मे जांच के नाम पर वसूले 45 हजार पीसीपीएनडीटी पंजीकरण कहीं और संचालित हो रहा है कहीं और स्वास्थ्य माफियाओं को बचाने उतरा स्वास्थ्य वि... न पंजीकरण न टेक्नीशियन फिर भी विभागीय संरक्षण मे हो रहा डिजिटल एक्स-रे और ईसीजी, लूटे जा रहे निरीह म... पीसीपीएनडीटी का पंजीकरण कहीं और अल्ट्रासाउंड सेन्टर संचालित हो रहा है कहीं और, जिम्मेदार गंभीर मामलो... हीमोडायलसिस यूनिट कैली मे मरीजों के जान से हो रहा है खिलवाड, प्रशासन कुम्भकर्णी नींद मे समाज का प्रत्येक नागरिक समान अधिकारों का अधिकारीः आनन्दीबेन पटेल

जो सद्गुणों से सम्पन्न, वही ईश्वर है- राधेश्याम शास्त्री

कबीर बस्ती न्यूज:

बस्ती । सुख दुख तो मन की कल्पना है, जो सद्गुणों से संपन्न है वही ईश्वर है। मनुष्य का शरीर ही वह कुरुक्षेत्र है जहां निवृत्ति और प्रवृति का युद्ध होता रहता है इस शरीर रथ को जो कृष्ण के हाथों में सौंप देता है उसे विजय श्री ही मिलती है। जीव जब ईश्वर से प्रेम करता है तो ईश्वर जीव को भी ईश्वर बना देते हैं। यह सद्विचार मंगलवार को श्री राधेश्याम शास्त्री जी नें हर्रैया के तिनौता गाँव में श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन व्यक्त किया। पोथी पूजन व आरती केंद्रीय विद्यालय के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य माधवदास ओझा द्वारा किया गया।
कथा को आगे बढ़ाते हुए शास्त्री जी ने बताया कि कंस को यह पता था कि उसका वध श्री कृष्ण के हाथों ही होना है इसलिए उसने बाल्यावस्था में ही श्रीकृष्ण को अनेक बार मरवाने का प्रयास किया लेकिन हर प्रयास भगवान के सामने असफल साबित रहा और अंत में श्री कृष्ण अपने मामा कंस का वध कर मथुरा नगरी को कंस के अत्याचारों से मुक्ति दिलायी। कंस वध के बाद श्री कृष्ण ने अपने माता-पिता को कारागार से मुक्त कराया।
श्री कृष्ण और रुक्मणी के विवाह की कथा को सुनाते हुए शास्त्री जी ने बताया कि रुक्मणी विदर्भ देश के राजा भीष्म की पुत्री और साक्षात लक्ष्मी जी का अवतार थीं। राजा भीष्म ने लक्ष्मी को पुत्री के रूप में प्राप्त किया, लक्ष्मी तो सभी को किसी न किसी रूप में प्राप्त हैं जैसे धन,पद, प्रतिष्ठा आदि। लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि अपनी लक्ष्मी को राजा भीष्म की तरह नारायण से जोड़ता कौन है। रावण, कंस, दुर्योधन जैसे लोगों ने अपनी लक्ष्मी को मांस, मदिरा, जुआ, दुराचार जैसे कुकर्मों से जोड़ा जिसके कारण उनका समूल नाश हो गया। श्री कृष्ण रुक्मणी विवाह के रोचक प्रसंग सुनकर सभी दर्शक भाव विभोर हो गए।
इस  दौरान राम प्रसाद ओझा, राम समुज ओझा,इन्द्रा ओझा, अम्बिका ओझा, माधव ओझा, नाथ मिश्र, सुतीक्ष्ण मिश्र, राम नेवाज मिश्र, शिव दत्त मिश्र, हरी राम ओझा,अनूप मिश्र राधेश्याम मिश्र,जगदम्बा, कृपा शंकर, पिंकू मिश्र, लवकुश मिश्र, उत्तम ,बजरंगी, आदर्श मिश्र  सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।