Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
अराजकता व अपराध के आग मे झुलस रहा है बस्ती का रेलवे स्टेशन रेलवे स्टेशन पर अवैध धन उगाही पर किया सवाल तो पत्रकार को मिली जान से मार देने की धमकी घारी मे टीनशेड के नीचे बिना पंजीकरण के चल रहा है कथित मेडिकल कालेज, तमाशबीन बना स्वास्थ्य प्रशासन सीएमओ का नटवरलाल स्टेनो अनिल चौधरी का कारनामाः 15 दिनो तक दबा कर बैठा रहा सीएमओ का जांच आदेश जब डाक्टर ही बन जाये लुटेरा फिर कैसे हो मरीजों का उचित इलाज, 6 दिन मे जांच के नाम पर वसूले 45 हजार पीसीपीएनडीटी पंजीकरण कहीं और संचालित हो रहा है कहीं और स्वास्थ्य माफियाओं को बचाने उतरा स्वास्थ्य वि... न पंजीकरण न टेक्नीशियन फिर भी विभागीय संरक्षण मे हो रहा डिजिटल एक्स-रे और ईसीजी, लूटे जा रहे निरीह म... पीसीपीएनडीटी का पंजीकरण कहीं और अल्ट्रासाउंड सेन्टर संचालित हो रहा है कहीं और, जिम्मेदार गंभीर मामलो... हीमोडायलसिस यूनिट कैली मे मरीजों के जान से हो रहा है खिलवाड, प्रशासन कुम्भकर्णी नींद मे समाज का प्रत्येक नागरिक समान अधिकारों का अधिकारीः आनन्दीबेन पटेल

संकल्पों के साथ मनाया गया कबीर साहित्य सेवा संस्थान का दसवां स्थापना दिवस

कबीर बस्ती न्यूज:

बस्ती। कबीर साहित्य सेवा संस्थान का दसवां स्थापना दिवस कलेक्टेªट परिसर  में वरिष्ठ कवि सत्येन्द्रनाथ मतवाला की अध्यक्षता में मनाया गया। इस मौके पर संस्थान के अध्यक्ष सामईन फारूकी ने प्रमुख समाजसेवी डा. वी.के. वर्मा को रोटरी क्लब बस्ती ग्रेटर का अध्यक्ष बनाये जाने पर उनका स्वागत किया। डा. वर्मा ने कहा कि कबीर साहित्य सेवा संस्थान निरन्तर सक्रिय है और गंगा जमुनी तहजीब की मजबूती में मिसाल कायम कर रहा है।
वरिष्ठ कवि डा. रामकृष्ण लाल जगमग ने कहा कि समाज की विकास यात्रा में संस्थानों का विशेष महत्व है। कबीर साहित्य सेवा संस्थान महात्मा कबीर से प्रेरणा लेकर  जन-जन को एकजुट करने का जो प्रयास कर रहा है वह आज की प्रमुख आवश्यकता है। अध्यक्षता कर रहे सत्येन्द्रनाथ मतवाला ने कहा कि आज जब जाति, धर्म, मजहब के नाम पर आये दिन इंसानियत लहूलुहान हो रही है ऐसे संस्थानों का महत्व बढ गया है जो विषम परिवेश में कौमी एकता की अलख जगा रहे हैं।
कबीर साहित्य सेवा संस्थान के दसवां स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम का संचालन करते हुये नीरज वर्मा ‘नीर प्रिय’ ने संस्थान के गतिविधियों पर प्रकाश डाला। डा. राम नरेश सिंह मंजुल, चन्द्रमोहन लाल श्रीवास्तव, पं. चन्द्रबली मिश्र, बी.के. मिश्र, ओम प्रकाश धर द्विवेदी, श्याम प्रकाश शर्मा एडवोकेट, सुधीर गोण्डवी, प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, डा. दशरथ प्रसाद यादव आदि ने कहा कि कबीर के पथ पर चलना सहज नहीं है फिर भी हमें इसी समन्वय का मार्ग चुनना होगा।कार्यक्रम में मुख्य रूप से दीपक प्रसाद, गणेश, दीनानाथ यादव, शिव कुमार, धीरज आदि उपस्थित रहे।