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पुस्तकों के दुनियां की उपयोगिता सदैव बनी रहेगी- गिरीश नारायण

पं. गोमती प्रसाद मिश्रअनिलके निबन्ध संग्रहअभ्युत्थानम्और पं. कमलापति पाण्डेयकॅंवलकृत गीता सरोवर का विमोचन

कबीर बस्ती न्यूजः

बस्ती । रविवार को प्रेस क्लब सभागार में महाकवि पं. गोमती प्रसाद मिश्र ‘अनिल’ के निबन्ध संग्रह ‘अभ्युत्थानम्’ और पं. कमलापति पाण्डेय ‘कॅंवल’ कृत गीता सरोवर का विमोचन सम्पन्न हुआ। साहित्य संसद के संयोजन में सम्पन्न हुये विमोचन समारोह को सम्बोधित करते हुये पूर्व आई.ए.एस. गिरीश नारायण पाण्डेय ने कहा कि यह संयोग ही है कि एक ही दिन दो विभूतियों के पुस्तक का विमोचन हुआ। ‘अभ्युत्थानम्’ और गीता सरोवर में जो विचार संकलित किये गये हैं वे निश्चित रूप से भारतीय दर्शन, आध्यात्म और शोधार्थियो के लिये उपयोगी साबित होगी।
गिरीश पाण्डेय ने कहा कि पुस्तकों के दुनियां की उपयोगिता सदैव बनी रहेगी। महाकवि पं. गोमती प्रसाद मिश्र ‘अनिल’ का रचना संसार विराट है और गीता सरोवर में जो प्रबोधिनी व्याख्या की गई हैं वह बहु उपयोगी है।
विमोचन कार्यक्रम में पं. गोमती प्रसाद मिश्र ‘अनिल’ ने ‘अभ्युत्थानम्’ की प्रेरणा और प्रसंगों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुये अपनी अन्य कृतियों पर भी प्रकाश डाला।  पं. कमलापति पाण्डेय ‘कॅंवल’ ने गीता सरोवर कृति पर कहा कि इसमें पौराणिक आख्यानों के अंश समाहित है। आध्यात्म और गीता में रूचि रखने वाले पाठकों के लिये यह कृति उपयोगी साबित होगी। विमोचन कार्यक्रम का संचालन करते हुये राममणि शुक्ल ने दोनों पुस्तकों की उपादेयता पर विस्तार से प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में कवि कुलदीप ‘कलश’, राममणि शुक्ल, कमलापति पाण्डेय ‘कॅंवल’ सूरज कुंवर ‘सरस’ राधेश्याम मिश्र, अवधेश पाण्डेय, राजेश पाण्डेय, शाहिद बस्तवी, अफजल हुसेन, डा. अजीत श्रीवास्तव, असद बस्तवी, अरसद अली, दशरथ, डा. विकास भट्ट, शिवा त्रिपाठी, दुर्गेश नन्दन श्रीवास्तव, डा. वीरेन्द्र त्रिपाठी, रामकृष्ण पाण्डेय, रहमान अली रहमान, आदि ने कविताओं के माध्यम से वातावरण को सरस बना दिया। इस अवसर पर देवानन्द पाण्डेय, शशिकान्त पाण्डेय के साथ ही अनेक साहित्यकार, कवि उपस्थित रहे।