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पुण्य तिथि पर याद किये गये आलोचना सम्राट आचार्य रामचन्द्र शुक्ल

उपेक्षित पड़ी आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के  प्रतिमा का सौन्दर्यीकरण होअजय श्रीवास्तव

कबीर बस्ती न्यूज:

बस्ती । आचार्य रामचन्द्र शुक्ल को उनकी 82 वीं पुण्य तिथि पर याद किया गया। गुरूवार को कायस्थ सेवा ट्रस्ट जिलाध्यक्ष राजेश कुमार श्रीवास्तव  के संयोजन में ट्रस्ट पदाधिकारियों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन् करते हुये उनके योगदान पर विमर्श किया गया।
ट्रस्ट संस्थापक अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि हिंदी भाषा के उच्च कोटि के साहित्यकार आचार्य रामचंद्र शुक्ल की गणना प्रतिभा संपन्न निबंधकार, समालोचक, इतिहासकार, अनुवादक एवं महान शैलीकार के रूप में की जाती है। यह बस्ती का सौभाग्य है कि उनका जन्म अगौना गांव में हुआ। ऐसी महान विभूतियों को निरन्तर स्मरण किये जाने की जरूरत है। उन्होने प्रशासन से मांग किया कि बड़े वन स्थित  खेत में उपेक्षित पड़ी आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के  प्रतिमा का शासन स्तर पर सौन्दर्यीकरण सुनिश्चित कराया जाय।
ट्रस्ट अध्यक्ष राजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि अगौना गांव में जन्में आचार्य शुक्ल हिन्दी साहित्य के उज्जवल नक्षत्र है। वे सदैव याद किये जायेंगे। वे जनपद के गौरव और विश्व हिन्दी साहित्य में आलोचना सम्राट है। संरक्षक सुरेन्द्र मोहन वर्मा ने कहा कि शुक्ला जी ने लेखन का आरम्भ कविता से किया था। नाटक लेखन की ओर भी इनकी रुचि रही, पर इनकी प्रखर बुद्धि इनको निबंध लेखन एवं आलोचना की ओर ले गई। निबंध लेखन और आलोचना के क्षेत्र में इनका सर्वोपरि स्थान आज तक बना हुआ है।
आचार्य शुक्ल को पुण्य तिथि पर नमन् करने वालों में मुख्य रूप से ट्रस्ट के डा. सौरभ सिन्हा, दुर्गेश श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष सर्वेश श्रीवास्तव, प्रदीप श्रीवास्तव, कृष्ण चन्द्र श्रीवास्तव, अरूणेश श्रीवास्तव, आलोक श्रीवास्तव, अजीत श्रीवास्तव, स्वप्न खरे, प्रदीप श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।