Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
अराजकता व अपराध के आग मे झुलस रहा है बस्ती का रेलवे स्टेशन रेलवे स्टेशन पर अवैध धन उगाही पर किया सवाल तो पत्रकार को मिली जान से मार देने की धमकी घारी मे टीनशेड के नीचे बिना पंजीकरण के चल रहा है कथित मेडिकल कालेज, तमाशबीन बना स्वास्थ्य प्रशासन सीएमओ का नटवरलाल स्टेनो अनिल चौधरी का कारनामाः 15 दिनो तक दबा कर बैठा रहा सीएमओ का जांच आदेश जब डाक्टर ही बन जाये लुटेरा फिर कैसे हो मरीजों का उचित इलाज, 6 दिन मे जांच के नाम पर वसूले 45 हजार पीसीपीएनडीटी पंजीकरण कहीं और संचालित हो रहा है कहीं और स्वास्थ्य माफियाओं को बचाने उतरा स्वास्थ्य वि... न पंजीकरण न टेक्नीशियन फिर भी विभागीय संरक्षण मे हो रहा डिजिटल एक्स-रे और ईसीजी, लूटे जा रहे निरीह म... पीसीपीएनडीटी का पंजीकरण कहीं और अल्ट्रासाउंड सेन्टर संचालित हो रहा है कहीं और, जिम्मेदार गंभीर मामलो... हीमोडायलसिस यूनिट कैली मे मरीजों के जान से हो रहा है खिलवाड, प्रशासन कुम्भकर्णी नींद मे समाज का प्रत्येक नागरिक समान अधिकारों का अधिकारीः आनन्दीबेन पटेल

घायल गनर राघवेंद्र प्रयागराज से लखनऊ पीजीआई रेफर

कबीर बस्ती न्यूज।

लखनऊ: प्रयागराज के शहर पश्चिमी के बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल की हत्या के दौरान बम और गोलियां लगने से घायल गनर राघवेंद्र को रविवार शाम प्रयागराज से लखनऊ पीजीआई रेफर कर दिया गया।

एडीसीपी ट्रैफिक अजय कुमार ने बताया कि प्रयागराज से ग्रीन कॉरीडोर बनाने की जानकारी मिली। इस पर निगोहां बार्डर से पीजीआई के बीच सभी ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को सतर्क कर दिया गया। प्रयागराज स्थित स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय से पीजीआई 186 किमी की दूरी पर है। एंबुलेंस ने इसे दो घंटे 24 मिनट में पूरा किया। निगोहां बॉर्डर से एंबुलेंस 86 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ी और 30 किमी की दूरी तय कर 8.39 बजे पीजीआई पहुंच गई।

लालगंज क्षेत्र के कोरिहर गांव निवासी राघवेंद्र के पिता रामसुमेर सिंह पुलिस विभाग में सिपाही थे, जिनका बीमारी से देहांत हो गया था। राघवेंद्र को मृतक आश्रित के रूप में नौकरी मिली थी। परिवार में मां अरुणा, बहन अर्चना और भाई ज्ञानेंद्र हैं। पांच मई को राघवेंद्र की शादी भी तय है। प्रयागराज में हुई घटना में अपराधियों ने राघवेंद्र पर बम से हमला करते हुए गोली मार दी थी, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं।

हालत गंभीर होने पर राघवेंद्र को प्रयागराज से लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि घायल सिपाही को कम समय में प्रयागराज से लखनऊ मेडिकल कॉलेज पहुंचाने के लिए 80 किमी. तक ग्रीन कारीडोर बनाया गया।