न पंजीकरण न टेक्नीशियन फिर भी विभागीय संरक्षण मे हो रहा डिजिटल एक्स-रे और ईसीजी, लूटे जा रहे निरीह मरीज
जिले के रूधौली सीएचसी के सामने शान्ती पैथालोजी के नाम से संचालित हो रहा है यह नाजायज सेन्टर
सीएमओ कार्यालय के संरक्षण मे फल फूल रहे हैं ऐसे नाजायज सेन्टर, विभाग ने बन्द किया आंख
जांच कराकर होगी कडी कार्यवाही, नही बचेंगे दोषी- डा0 राजीव निगम
रिर्पोट- चित्रसेन पाण्डेय
कबीर बस्ती न्यूज
बस्ती। जिले के सीएमओ कार्यालय के संरक्षण मे सैकडो नाजायज डिजिटल एक्स-रे और ईसीजी सेन्टर बिना प्रशिक्षित टेक्नीशियन व डाक्टर के और बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं। इस प्रकार की नाजायज गतिविधियां अगर संचालित हो रही हैं और सीएमओ कार्यालय को जानकारी न हो ऐसा हो ही नही सकता। कुकुरमुत्तों के तरह विभागीय मेहरबानी से संचालित हो रहे ऐसे सेन्टरों पर कार्यवाही न होना विभाग पर बहुत बढा सवाल खडा हो रहा है। ऐसा ही नाजायज और अनाधिकृत रूप से जिले के रूधौली सीएचसी के ठीक सामने काफी दिनों से संचालित हो रहे शान्ती पैथालोजी जिसमें डिजिटल एक्सरे व ईसीजी जैसी जांचे नौसिखिए और कम उम्र के लडके करते देखे जा रहे हैं। सेन्टर के इस मनमानी का खामियाजा बेचारे निरीह मरीजों को भुगतना पड रहा हैं। सीएचसी रूधौली पर अधिकारियों का बराबर आना जाना होता है लेकिन आांखों पर चढे चश्मे नाजायज संचालित सेन्टरों को देख नही पाते।
बताते चलें कि रूधौली सीएचसी के ठीक सामने काफी दिनों से संचालित हो रहे शान्ती पैथालोजी जिसमें डिजिटल एक्सरे व ईसीजी जैसी जांचें होती हैं सेन्टर के बाहर भारी भरकम बोर्ड भी लगा हुआ है। जिसका कोई पंजीकरण सीएमओ कार्यालय मे नही है बावजूद इसके धडल्ले से यह फजी सेन्टर बडे ही सुगमता से संचालित हो रहा है। यहां न तो कोई प्रशिक्षित टेक्नीशियन है और नही कोई डाक्टर। मरीज का एक्सरे और ईसीजी करो और बिना वैद्व रिर्पोट के मरीज को पकडाओ। यही व्यवस्था विभागीय संरक्षण मे बिना किसी बाधा के संचालित हो रहा है।
हद तो तब हो जब प्रेस की टीम ने एक्सरे करने वाले कम उम्र के आशुतोष नामक लडके से पूछा तो उसने बताया कि संचालक राजेश यादव हमारे चाचा हैं उन्होने हमे टेक्नीशियन का कोर्स कहीं से कराया है। प्रेस टीम ने जब यह पूछा कि यह कोर्स कहा और किस संस्थान से किया है के सवाल पर आशुतोष ने बताया कि यह चाचा जानते हैं हमें नही पता। आशुतोष के बयान से स्पष्ट हो गया कि उसके पास किसी भी प्रकार का कोई डिग्री नही बावजूद इसके वह लगातार मरीजों का एक्सरे और ईसीजी जैसी गंभीर जांचें बिना किसी रूकावट के करता है। अब आप ही अन्दाजा लगाईए कि मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड करने मे कोई कार कसर नही छोडा जा रहा है और जिम्मेदारों की आंखे बन्द हैं या बन्द कर दी गयी हैं। जिले मे ऐसे सैकडों अवैध सेन्टर संचालित हो रहे हैं। लेकिन निगहबान कुद कर पाने मे अक्षम हैं।
इस सम्बन्ध मे पूछने पर सीएमओ डा0 राजीव निगम ने कहा कि प्रकरण गंभीर है उक्त सेन्टर की जांच कर कडी कार्यवाही करने के निर्देश नोडल अधिकारी डा0 एस0बी0 सिंह को दिए गये हैं।

