घारी मे टीनशेड के नीचे बिना पंजीकरण के चल रहा है कथित मेडिकल कालेज, तमाशबीन बना स्वास्थ्य प्रशासन
– भानपुर सीएचसी क्षेत्र के फरेनिया,परसोहिया गांव मे संचालित है यह अस्पताल, विभाग बना बेखर
– यहां गंभीर रोगों का बिना डाक्टर के होता है आपरेशन व इलाज, खटिया और तख्ते पर लिटाए जाते हैं मरीज
– योगी सरकार के अमृतकाल मे बस्ती जिले की यह रही बडी उपलब्धि, मरीजों के जान पर आफत
– यह अस्पताल है या मरीजों का वधशाला, यहां यमराज करते हैं मरीजों का इलाज
– प्रकरण अत्यन्त गंभीर है मामले की शीघ्र जांच कराकर कार्यवाही की जायेगी- सीएमओ
रिपोर्ट- चित्रसेन पाण्डेय
कबीर बस्ती न्यूज
बस्ती। प्रदेश के मुखिया योगी जी के अमृतकाल मे बस्ती जिले मे स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर विभागीय संरक्षण मे बडी उपलब्धि हासिल किया है। इस खबर को पढकर सूबे के मुखिया योगी जी को भी खुशी का ठिकाना नही होगा। स्वास्थ्य विभाग ने तो वह कर दिखया जो प्रदेश के सीएम आज तक नही कर पाये। विभाग का क्या विभाग का तो बल्ले बल्ले है ही। यह एक ऐसा अस्पताल पिछले कई वर्षों से भानपुर सीएचसी क्षेत्र के फरेनिया,परसोहिया गांव मे बिना पंजीकरण के धुंआधार संचालित है जहां न तो कोई डाक्टर है और न ही कोई प्रशिक्षित पैरामेडिकल। लेकिन विभागीय छत्रछाया मे यहां किडनी, लीवर, गैस्ट्रो न्यूरो से सम्बन्धित अनेकों गंभीर रोगों का इलाज किये जाने का दावा किया जाता है। यहां दूर दराज क्षेत्रों से मरीज आते हैं और उनका धारी मे खटिया और तख्ते पर विधिवत् इलाज किया जाता है और मरीजों को लूटने मे कोई कोर कसर नही छोडा जाता है। अब आप मुस्कराईये कि अच्छे दिन आ गये। इस अवसर पर तो जिले के सीएमओ साहब को इस गुमनाम अस्पताल का दिव्य और भव्य उद्वधाटन करा ही देना चाहिए। जिससे अधिक से अधिक मरीज यमराज के पास जा सकें।
बताते चलें कि भानपुर तहसील और सीएचसी क्षेत्र के फरेनिया,परसोहिया गांव मे बिना पंजीकरण के टीनशेड मे बिना डाक्टर और पैरामेडिकल के मेडिकल कालेज संचालित है। यहां किडनी, लीवर, गैस्ट्रो न्यूरो से सम्बन्धित अनेकों गंभीर रोगों का इलाज किये जाने का दावा किया जाता है। यहां दूर दराज क्षेत्रों से मरीज आते हैं और उनका धारी मे खटिया और तख्ते पर विधिवत् इलाज किया जाता है और मरीजों को लूटने मे कोई कोर कसर नही छोडा जाता है। इस कथित अस्पताल मे दूर दराज क्षेत्रों से गंभीर रोगों से पीडित मरीज यहां इलाज कराने आते हैं। यहां इलाज कराने के बाद मरीज जिन्दा घर जाते हैं य परलोक सिधार जाते हैं इसका तो पता नही है लेकिन स्वास्थ्य विभाग का यह गैर जिम्मेदाराना हरकत निरीह मरीजों के जीवन के साथ खुला खिलवाड है। अब तक न जाने कितने मरीज समय के पहले यमलोक पहुंच चुके होंगे। लेकिन विभाग को इसका कोई परवाह बिल्कुल भी नही है। जबकि यह प्रकरण स्वास्थ्य प्रशासन के संज्ञान मे पहले से ही है और कार्रवाई आज तक नही हो पायी है।
इस कथित घारी टाइप टीनशेड मे चल रहे कथित मेडिकल कालेज मे खटिया और तख्ते पर लिटा कर मरीजों का इलाज किया जाता है। यहां आपरेशन भी बडे पैमाने पर किये जाते हैं। मक्खियों की भिनभिनाहट और दुर्गन्ध से भरपूर वातावरण मे इस अस्पताल मे गंभीर रोगों का इलाज व आपरेशन किया जाता है। अब आप ही विचार करिए कि यहां मरीजों के जान की कितनी सुरक्षा है।
इस सम्बन्ध मे मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 राजीव निगम से पूछा गया तो उन्होेने कहा कि प्रकरण अत्यन्त गंभीर है मामले की शीघ्र जांच कराकर कार्यवाही की जायेगी।

