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पुरानी पेंशन नीति बहाल करे सरकार-उदयशंकर शुक्ल

कबीर बस्ती न्यूज:

बस्ती: उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष उदयशंकर शुक्ल ने  बुधवार को प्रेस क्लब सभागार में पत्रकारों से वार्ता करते हुये कहा कि देश, प्रदेश का शिक्षक इतिहास के कठिन दौर से गुजर रहा है। उस पर जिम्मेदारियां पहले से अधिक बढी है किन्तु अधिकार लगातार छीने जा रहे हैं। यहां तक कि बुढापे की लाठी पेंशन का लाभ हासिल करने के लिये अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा देश व्यापी आन्दोलन चलाया जा रहा है किन्तु केन्द्र और राज्य सरकारें  पुरानी पेंशन नीति बहाली को तैयार नहीं हो रही है। चेतावनी दिया कि सरकार पुरानी पेंशन नीति बहाल करे वरना 2022 का चुनाव उसे भारी पड़ सकता है। कहा कि किसी भी स्तर पर अध्यापकों का शोषण नहीं होने पायेगा। कहा कि लम्बे संघर्ष के बाद नव नियुक्ति शिक्षकों के बकाया वेतन भुगतान की प्रक्रिया चल रही है और शीघ्र ही उन्हें क्रमबद्ध ढंग से बकाया वेतन भुगतान प्राप्त हो जायेगा।
पत्रकारोें के प्रश्नोें का उत्तर देते हुये संघ अध्यक्ष उदयशंकर शुक्ल ने कहा कि जनपद के अनेक विद्यालयों में छात्रों के शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं है, अनेक परिषदीय विद्यालयों में बाउन्ड्रीवाल नहीं है।  परिषदीय विद्यालयों को सुविधाओें से सम्पन्न किया जाय जिससे वे निजी विद्यालयों से बेहतर परिणाम दे सकें।  कहा कि अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ शिक्षा मित्र और अनुदेशकों को नियमित करने, रसोईया, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियोें, सविदा कर्मियोें को न्यूनतम 21 हजार का वेतन दिये जाने की मांग को लेकर संघर्ष कर रहा है। कहा कि 2022 शिक्षकों के लिये निर्णायक साबित होगा।
प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से  वरिष्ठ उपाध्यक्ष अखिलेश मिश्र, जिला मंत्री राघवेन्द्र प्रताप सिंह, कोषाध्यक्ष अभय सिंह यादव, राम भरत वर्मा, इन्द्रसेन मिश्र, फैजान अहमद, दिवाकर सिंह, रीता शुक्ल, आनन्द सिंह, रजनीश मिश्र,  चन्द्रभान चौरसिया, बब्बन पाण्डेय, त्रिलोकीनाथ, मारूफ खान, राधेश्याम मिश्रा, भैयाराम राव, विनय कुमार, राजेश कुमार आदि शामिल रहे।