Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
नशेडियों व अपराधियों के आगे नतमस्तक हुई पुरानी बस्ती पुलिस, एक माह के बाद भी नही दर्ज हुआ मुकदमा मरीजों के जीवन के लिए वरदान साबित हो रहा है मरियम हार्ट एवं मल्टीस्पेशलटी हास्पिटल इंस्पेक्टर शांशक शेखर राय ने संभाला थाना पुरानी बस्ती का कार्यभार रेलवे स्टेशन पर लोगों से मारपीट करने वाले दो अराजक तत्व गिरफ्तार अराजकता व अपराध के आग मे झुलस रहा है बस्ती का रेलवे स्टेशन रेलवे स्टेशन पर अवैध धन उगाही पर किया सवाल तो पत्रकार को मिली जान से मार देने की धमकी घारी मे टीनशेड के नीचे बिना पंजीकरण के चल रहा है कथित मेडिकल कालेज, तमाशबीन बना स्वास्थ्य प्रशासन सीएमओ का नटवरलाल स्टेनो अनिल चौधरी का कारनामाः 15 दिनो तक दबा कर बैठा रहा सीएमओ का जांच आदेश जब डाक्टर ही बन जाये लुटेरा फिर कैसे हो मरीजों का उचित इलाज, 6 दिन मे जांच के नाम पर वसूले 45 हजार पीसीपीएनडीटी पंजीकरण कहीं और संचालित हो रहा है कहीं और स्वास्थ्य माफियाओं को बचाने उतरा स्वास्थ्य वि...

आर्य समाज के वार्षिकोत्सव का समापन

कबीर बस्ती न्यूजः

बस्ती। आर्य समाज गांधी नगर बस्ती के वार्षिकोत्सव के अंतिम दिन लखनऊ से पधारे विद्वान पं0 विश्वव्रत शास्त्री ने राष्ट्र पर अपने विचार रखते हुए कहा कि देश को आजादी दिलाने के लिए सरदार भगत सिंह से लेकर अनेकों महापुरूषों को प्रेरित करने वाले स्वामी दयानन्द सरस्वती थे। स्वामी दयानन्द सरस्वती ने देश के लोगों को प्रेरित करने का जो कार्य किया उसे इतिहास कभी भुला नहीं सकता। उन्होंने कहा कि वेद के मंत्र में पहले-पहले राष्ट्र के कल्याण की बात की गयी है। इसलिए वर्तमान समय में भी सभी को आर्य समाज से जुड़ना चाहिए। साथ ही साथ आर्य समाज के नियमों को आत्मसात करते हुए जीवन को सफल बनाना चाहिए।
उत्तराखण्ड से पधारे राष्ट्रीय भजनोपदेशक जयप्रकाश ने महाराणा प्रताप से जुड़ी कहानी को गीतों के माध्यम से श्रोताओं को सुनाकर भाव विभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में वैदिक संस्कृति का नाश हो रहा है। आर्य समाज सर्वे भवन्तु सुखिनः के सिद्धांत पर भारत ही नहीं अपितु पूरे विश्व को सुसस्ंकृत करने हेतु संकल्पित है तथा राष्ट्र रक्षा वैदिक विचारों से ही सम्भव है।
समारोह में उपस्थित श्रोताओं को पंजाब से पधारे प्रकाण्ड विद्वान सुन्दरलाल शास्त्री ने स्वामी दयानन्द सरस्वती के योगदान के विषय मे बताते हुए कहा कि छुआछुत मिटाने, विधवा विवाह कराने के लिए स्वामी दयानन्द सरस्वती ने अथक प्रयास किया, जिसमें अपार सफलता मिली। कार्यक्रम का संचालन सत्येन्द्र वर्मा ने किया। अध्यक्षता राधेश्याम सिंह ने की।
समारोह में ओमप्रकाश आर्य, मुरलीधर भारती, वेद आर्य आशुतोष मोदनवाल, राकेश सिंह, सर्वेश श्रीवास्तव, अरूण भारती, देवव्रत, गरूणध्वज, विनोद उपाध्याय, बृज किशोर गुप्ता, पुरोहित हरिपति पाण्डेय सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।