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इस भीषण गर्मी में विद्यालय खोलना अव्यवहारिक- उदय शंकर

ग्रीष्मावकाश के बाद खुले परिषदीय विद्यालय

कबीर बस्ती न्यज: 

बस्ती। गर्मी की छुट्टी होने के बाद गुरुवार को जनपद के परिषदीय स्कूल खुल गए हैं। यह अलग बात है कि बच्चों को आज तक किताबें नहीं मिल सकी। इसके चलते पुरानी किताबों से काम चलाना पड़ेगा। वहीं दूसरी तरफ जिले के सैकडों स्कूलों में बिजली कनेक्शन ही नहीं लग सका है। बच्चों को जून की भीषण गर्मी में बिना पंखों के ही पढ़ाई करनी पड़ेगी।
दरअसल, यह पहली बार हो रहा है जब परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को जून माह में पढ़ने के लिए बुलाया गया है जबकि माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा सहित निजी संस्थान पूर्व की भाँति एक जुलाई से ही खुल रहे हैं। ऐसा इसलिए है कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ा रहे शिक्षकों को पहले ग्रीष्मावकाश 41 दिन का मिलता था। शासन ने अब प्रत्येक शैक्षिक सत्र में  31 दिसम्बर से 14 जनवरी तक 15 दिन का  शीतकालीन अवकाश घोषित कर दिया है और अब ग्रीष्मकालीन अवकाश मात्र 26 दिन का ही मिलता है इसके चलते 16 जून को विद्यालय खुल गए हैं।
वहीं दूसरी तरफ सरकार के इस फैसले से शिक्षकों में भी नाराजगी है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष उदय शंकर शुक्ल ने कहा कि इतनी भीषण गर्मी में विद्यालय खोलना पूरी तरह से अव्यवहारिक है  यह बच्चों और शिक्षकों किसी के हित में नही है। सभी के हित को ध्यान में रखते हुए जुलाई में स्कूल खोलने की पूर्व व्यवस्था को पुनः लागू किया जाना आवश्यक है।
जिला मंत्री राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि अधिक गर्मी की वजह से स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है अतः उनके स्वास्थ्य के दृष्टिगत अगर विद्यालय जुलाई में खोले जाए तो बेहतर होगा।