Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
अराजकता व अपराध के आग मे झुलस रहा है बस्ती का रेलवे स्टेशन रेलवे स्टेशन पर अवैध धन उगाही पर किया सवाल तो पत्रकार को मिली जान से मार देने की धमकी घारी मे टीनशेड के नीचे बिना पंजीकरण के चल रहा है कथित मेडिकल कालेज, तमाशबीन बना स्वास्थ्य प्रशासन सीएमओ का नटवरलाल स्टेनो अनिल चौधरी का कारनामाः 15 दिनो तक दबा कर बैठा रहा सीएमओ का जांच आदेश जब डाक्टर ही बन जाये लुटेरा फिर कैसे हो मरीजों का उचित इलाज, 6 दिन मे जांच के नाम पर वसूले 45 हजार पीसीपीएनडीटी पंजीकरण कहीं और संचालित हो रहा है कहीं और स्वास्थ्य माफियाओं को बचाने उतरा स्वास्थ्य वि... न पंजीकरण न टेक्नीशियन फिर भी विभागीय संरक्षण मे हो रहा डिजिटल एक्स-रे और ईसीजी, लूटे जा रहे निरीह म... पीसीपीएनडीटी का पंजीकरण कहीं और अल्ट्रासाउंड सेन्टर संचालित हो रहा है कहीं और, जिम्मेदार गंभीर मामलो... हीमोडायलसिस यूनिट कैली मे मरीजों के जान से हो रहा है खिलवाड, प्रशासन कुम्भकर्णी नींद मे समाज का प्रत्येक नागरिक समान अधिकारों का अधिकारीः आनन्दीबेन पटेल

तेज तर्रार आयरन लेडी आई.ए.एस दिव्या मित्तल बनी डीएम बस्ती

कबीर बस्ती न्यूज।

बस्ती।  आई.ए.एस. दिव्या मित्तल का स्थान्तरण मिर्जापुरसे बस्ती के जिलाधिकारी के पद पर हो गया है। मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली हैं लेकिन उनका जन्म दिल्ली में ही हुआ था। उनकी ज्यादातर पढ़ाई भी दिल्ली में ही हुई थी। 10वीं और 12वीं करने के बाद उन्होंने दिल्ली में ही बी.टेक किया और फिर आईआईएम बैंगलोर से एमबीए किया। इसके बाद उन्होंने शादी कर ली। उन्हें और उनके पति गगनदीप सिंह को बहुत अच्छे पैकेज पर लंदन में नौकरी मिल गई, लेकिन वह देश से प्यार करने के लिए वहां ज्यादा देर तक नहीं रह सकीं। पति-पत्नी ने इस्तीफा देने और लंदन से लौटने का फैसला किया और वही हुआ।

इसके बाद उन्होंने आईएएस की तैयारी शुरू कर दी। साल 2012 में उनका चयन आईपीएस में हुआ और उन्हें गुजरात कैडर मिला। आईपीएस की ट्रेनिंग के दौरान साल 2013 में उन्होंने फिर से आईएएस की परीक्षा दी और चयन हो गया। दिव्या के मुताबिक वह इससे पहले बरेली विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष के पद पर भी तैनात रह चुकी हैं। वह बताती है कि वह इंजीनियर बनना चाहती थी।

वह बताती हैं कि उन्होंने हमेशा समाज के लिए सोचा और आज भी वह समाज की बेहतरी के लिए हर स्तर पर काम करने से नहीं कतराती हैं। उन्हें आईएएस बनने की प्रेरणा अपने पति गगनदीप सिंह से मिली। बठिंडा के एक छोटे से कस्बे गिद्दरबाग के रहने वाले गगनदीप सिंह भी पढ़ाई में होशियार थे। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई पंजाब में ही की। इंजीनियरिंग की छात्रा थी, शादी के बाद दिव्या के साथ नौकरी ज्वाइन की। गगनदीप इससे पहले सिंगापुर समेत कई जगहों पर काम कर चुके हैं।