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असुरक्षित ड्रॉपलेट्स से बचाती है दो गज की दूरी

– कोरोना से बचाव में दो गज की दूरी की है अहम भूमिका
– न  केवल भीड़भाड़ में बल्कि आगन्तुकों से भी बनाये रखें दो गज की दूरी
संवाददाता,गोरखपुर। कोविड से बचाव में मॉस्क और हाथों की स्वच्छता के साथ-साथ दो गज यानी छह फीट की दूरी का विशेष महत्व है। इस नियम का पालन न केवल भीड़भाड़ में बल्कि घर आने वाले आगन्तुकों के मामले में भी करना होगा। जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी केएन बरनवाल का कहना है कि यह एक ऐसा नियम है जिसका पालन काफी कठिन होता है लेकिन यह बेहद उपयोगी है। दो गज की दूरी असुरक्षित ड्रॉपलेट्स के संपर्क में आने से बचाती है। यानि अगर कोई कोविड मरीज दो गज की दूरी से बात कर रहा हो, हंस रहा हो, खांस या छींक रहा हो या थूक रहा हो तो उसके ड्रॉपलेट्स के जरिये सामने वाला वायरस के संपर्क में आने से बच सकता है।
जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी का कहना है कि वह पिछले सवा साल से लैब टेक्निशियन की टीम के साथ कोविड सैंपलिंग के कार्य में जुटे हुए हैं। जिले की सभी अति महत्वपूर्ण सैंपलिंग के लिए उन्हें क्षेत्र में अंग्रिम मोर्चे पर रहना पड़ता है लेकिन वह मॉस्क, हाथों  की स्वच्छता और दो गज की दूरी के नियम का कड़ाई से पालन करते हैं। वह मधुमेह के मरीज हैं, इसलिए खासतौर पर सतर्कता रखनी होती है। उनका कहना है कि सैंपल लेने वाले लैब टेक्निशियंस के लिए दो गज की दूरी संभव नहीं हो पाती है, इसीलिए उन्हें पीपीई किट दी जाती है। लेकिन हर स्वास्थ्यकर्मी या व्यक्ति के लिए पीपीई किट पहनना संभव नहीं है। ऐसे में दो गज की दूरी एक सशक्त वैकल्पिक उपाय है। जिले के होम आइसोलेटेड कोविड मरीजों के घर जाने वाली रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) और अंग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को भी दिशा-निर्देश है कि वह दो गज की दूरी के नियम का पालन करें।
उन्होंने बताया कि बाजारों, दवा की दुकानों, सब्जी की दुकानों, धर्मस्थलों, अस्पतालों और शादी-विवाह के समारोहों में एवं  घर आने वाले अतिथियों, दूध वाले, पानी वाले, पेपर वाले सभी से दो गज की दूरी बना कर रखनी है। इस दूरी को ही कायम करने के प्राथमिक सिद्धांत पर होम क्वारंटीन और होम आइसोलेशन की व्यवस्था लागू है। दो गज की दूरी के नियम का पालन इन दोनों अवस्थाओं में भी किया जाना चाहिए। होम आइसोलेटेड मरीज के केयर टेकर को चाहिए कि वह मरीज की सेवा करते समय दो गज की दूरी बनाये रखे।
*तीनों नियमों का एक साथ पालन अनिवार्य*
रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) से जुड़े चिकित्सक डॉ. पवन कुमार का कहना है कि कोविड से बचाव में तीनों नियमों का एक साथ पालन अनिवार्य है। तीनों नियम बराबर महत्व रखते हैं। बाहर जा रहे हैं तो डबल और टाइट फिटिंग मॉस्क लगाना होगा, हाथों को सेनेटाइज करते रहना होगा और दो गज की दूरी अनिवार्य तौर पर बनाये रखनी होगी। तीनों नियमों में अगर कहीं भी कोई चूक होती है तो कोविड होने की पूरी आंशका रहेगी। चूंकि आरआरटी के लिए पीपीई किट पहन कर कार्य करना व्यावहारिक नहीं है इसलिए कोविड मरीज से दूरी बना कर मदद की जाती है।