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22 स्वास्थ्य इकाइयों पर 1202 मरीजों का निशुल्क इलाज

– मुख्यमन्त्री आरोग्य मेले में मरीजों को घर के नजदीक इलाज की सुविधा

– कोविड हेल्प डेस्क में आए 924 मरीजों में 321 की आरटीपीसीआर जांच

कबीर बस्ती न्यूज,संतकबीरनगर।उ0प्र0।

कोविड-19 पर काफी हद तक नियंत्रण पाने के बाद मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों का आयोजन दोबारा शुरू हुआ। जिले के सभी पीएचसी, सीएचसी और स्वास्थ्य उप केंद्रों पर आयोजित इस मेले में 1202 मरीजों की निशुल्क जांच और दवाइयां दी गईं। कोविड हेल्प डेस्क में कुल 924 लोग आए जिनमें से 321 की आरटीपीसीआर जांच की गई।

रविवार को आयोजित हुए मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का उद्घाटन  मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ इन्द्र विजय विश्वकर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि बीते कई महीनों कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण से मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला आयोजित नहीं हो पा रहा था। फिलहाल खुशी की बात है कोविड प्रोटोकाल के साथ यह आयोजन हम दोबारा करने का प्रयास कर रहे हैं। कोरोना काल ने हमें यही सिखा दिया है कि स्वास्थ्य अब हमारी प्राथमिकता है। इसमें लापरवाही हम सभी के लिए घातक होगी। इसलिए मेरी अपील है कि कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए लोग मेले में आएं और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लें।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ इन्द्रविजय विश्वकर्मा ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिले के 22 स्वास्थ्य इकाइयों पर मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों का आयोजन किया गया । मेला कराने का उद्देश्य स्पष्ट है कि एक ही छत के नीचे लोगों को अधिकाधिक स्वास्थ्य सुविधाएं, जांच, उपचार और दवाएं आदि उपलब्ध हो। हमारा प्रयास है कि इस मेले से अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हों। उन्होंने बताया कि मेला परिसर में प्रवेश करने से पूर्व प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग की जा रही है। मेले में मास्क और सेनिटाइजर की भी व्यवस्था है। सभी लोग सहयोगात्मक व्यवहार करें। इससे जांच, उपचार और दवाओं आदि की सुविधा आसानी से मिल सकेगी।

लाभार्थियों ने सराहा

चुरेब के निवासी सुरेश ने बताया कि मैं मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला के आयोजन से बहुत संतुष्ट हूं। यहां तो घर के सभी लोग एक साथ आकर अपना-अपना इलाज करवा सकते हैं। मैंने भी अपनी समस्या पर डॉक्टर से परामर्श ले लिया।

मेला में मिलीं सुविधाएं

मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों में गोल्डन कार्ड बनवाने, गर्भावस्था एवं प्रसवकालीन परामर्श, पूर्ण टीकाकरण एवं परिवार नियोजन संबंधी साधनों एवं परामर्श की व्यवस्था रही। इसके साथ ही संस्थागत प्रसव संबंधी जागरूकता, जन्म पंजीकरण परामर्श, नवजात शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा परामर्श एवं सेवाएं, बच्चों में डायरिया एवं निमोनिया की रोकथाम के साथ ही टीबी, मलेरिया, डेंगू, फाइलेरिया, कुष्ठ आदि बीमारियों की जानकारी, जांच एवं उपचार की नि:शुल्क सेवाएं दी गई। पीएचसी पर जो जांचें नहीं हो पाईं उन मरीजों को जांच के लिए सीएचसी अथवा जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया।

 

सबसे अधिक त्वचा के रोगी

इस मेले में 22 स्वास्थ्य इकाइयों पर कुल 1202 लोगों की को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिला। इसमें 433 पुरुष 579 महिलाएं और 190 बच्चे शामिल रहे। इनमें सांस के 81, मधुमेह के 42, त्वचा रोग के 241, ब्लड प्रेशर के 49, एनीमिया के 16, लीवर के 17, संभावित टीबी के 1, प्रसव पूर्व जांच के 33 तथा अन्य रोगों के 722 रोगी पहुंचे। इनमें से 6 को मेडिकल कालेज 13 को नेत्र सर्जरी के लिए रेफर किया गया। 63 आयुष्मान कार्ड बनाए गए।