Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
समय से समस्याओं का निराकरण कर हम लोगो की कर सकते है वास्तविक सेवा: गोविंदराजू एन.एस. थाना समाधान दिवस पर डीएम,एसपी ने की जनसुनवाई नवागत मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्र ने मण्डलायुक्त पद का ग्रहण किया कार्यभार सांसद ने किया खेल महाकुंभ तैयारियों का निरीक्षण हर मोड़ पर खरा उतर रहा है भारतीय संविधान-डा. वी.के. वर्मा बाबा साहब के बनाये संविधान को ध्वस्त करना चाहती है केन्द्र व प्रदेश सरकार: प्रेमशंकर द्विवेदी संविधान दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन लंदन की डिग्री, गोल्ड मेडल से सम्मानित हुये डा. वी.के. वर्मा वंचित छात्रों को शुल्क प्रतिपूर्ति, छात्रवृत्ति दिलाने की मांग को लेकर पद यात्रा निकालेगी मेधा सफाई कर्मचारी संघ: डीपीआरओ को सौंपा 12 सूत्रीय ज्ञापन, समस्याओं के निस्तारण की मांग

सिपाही पर धोखाधड़ी कर जमीन बैनामा कराने का आरोप, पीड़ित ने डीआईजी से लगाया न्याय की गुहार

कबीर बस्ती न्यूज,बस्ती।उ0प्र0।

दुबौलिया थाना क्षेत्र के माझा किता अव्वल निवासी जगदीश पुत्र जुगुन ने गुरूवार को डीआईजी को पत्र देकर न्याय की गुहार लगाया है। पत्र में जगदीश ने कहा है कि छावनी थाने पर तैनात सिपाही जयहिन्द यादव ने कूट रचना कर धोखे में रखते हुये उसके जमीन का बैनामा करा लिया और उसे कोई धन भी नहीं दिया गया। डीआईजी ने मामले में जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन जगदीश को दिया है।

पत्र में जगदीश ने कहा है कि उसके गांव के ही रामसहाय पुत्र बाढू ने जालसाजी कर सिपाही जयहिन्द पुत्र माया प्रसाद ग्राम सेनपुर तहसील बूढ़नपुर जिला आजमगढ़ के निवासी के नाम बैनामा रजिस्ट्री करा दिया। पत्र में जगदीश ने कहा है कि थाना छावनी में सिपाही के पद पर कार्यरत जयहिन्द पुत्र माया प्रसाद ने रामसहाय को अपने साजिश में करके प्रार्थी को वृद्धा पेंशन लगवाने के बहाने दिनांक 10.06.21 को प्रार्थी के गाटा संख्या 60/0-2550 व 750ख / 1.00110 हेक्टेयर का बैनामा जयहिन्द यादव ने कूटरचित तरीके से तैयार करवा लिया।  इसमें पूरा सहयोग रामसहाय पुत्र बाढू ने किया। जगदीश के अनुसार उसके मानसिक संतुलन खराब रहने का नाजायब फायदा उठाकर चाय में नशीली पदार्थ पिलाकर बेहोशी हालत में बैनामा करा लिया जिसका प्रतिफल भी उसेे नही दिया।  जो रूपया चेक द्वारा दिखाया है वह भारतीय स्टेट बैंक शाखा शुकुल बाजार जनपद सुल्तानपुर चेक संख्या 32129 पर 3 लाख अंकित किया है जबकि उसका खाता उक्त बैंक में नहीं उसमें भी जयहिन्द ने धोखाधड़ी किया है । जानकारी होने पर जब उसने सिपाही जयहिन्द यादव से मिलकर बात किया तो वह आमादा फौजदारी हो गया। इसकी शिकायत उसने उच्चाधिकारियों से किया जिसकी जानकारी होने पर उसने धमकी दिया कि अपना प्रार्थना पत्र वापस ले लो नही तो तुम्हे गांजा, कट्टा आदि के मुकदमे में फंसाकर जिन्दगी बर्बाद कर दूंगा। उसने दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई की मांग करते हुये अपनी जमीन वापस कराने की मांग किया है।