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सर सैयद अहमद खां ने आधुनिक शिक्षा को नया आयाम दिया-राजेन्द्रनाथ तिवारी

अलीगढ विश्वविद्यालय की स्थापना बड़ी उपलब्धि

कबीर बस्ती न्यूज,बस्ती।उ0प्र0।

आधुनिक शिक्षा को नया आयाम देने वाले  सर सैयद अहमद खां को उनकी जयन्ती पर याद किया गया। रविवार को प्रेस क्लब के सभागार में कबीर साहित्य सेवा संस्थान के अध्यक्ष मो. सामईन फारूकी के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुये जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष राजेन्द्रनाथ तिवारी ने कहा कि सर सैयद अहमद खां न केवल महान दार्शनिक थे, बल्कि एक महान समाज-सुधारक भी थे।  उनकी गिनती उन महान लोगों में की जाती है, जो आजीवन शिक्षा-अध्ययन को समर्पित रहे और जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। उनका विचार था कि आधुनिक शिक्षा के बिना न तो तरक्की करना मुमकिन है और न ही यूरोपीय लोगों से टक्कर लेना मुमकिन है। उन्होने परम्परागत शिक्षा की जगह अलीगढ विश्वविद्यालय की स्थापना कर शिक्षा के नये द्वार खोले। उनका योगदान सदैव याद किया जायेगा।
कार्यक्रम को त्रिभुवन प्रसाद मिश्र, नीरज कुमार वर्मा, आंेकारनाथ चर्तुवेदी, दशरथ प्रसाद यादव, विनोद कुमार उपाध्याय आदि ने सम्बोधित करते हुये  सर सैयद अहमद खां के व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। अध्यक्षता करते हुये वरिष्ठ साहित्यकार सत्येन्द्रनाथ मतवाला ने कहा कि सर सैयद अहमद खां का जन्म 17 अक्तूबर 1817 को दिल्ली में सैयद घराने में हुआ था।  उनका व्यक्तित्व अद्भुत दूरदर्शिता, विवेकधर्मिता और देशभक्ति से ओत-प्रोत था, वे शिक्षा क्षेत्र मंे तरक्की के हिमायती थे । संचालन करते हुये वरिष्ठ कवि डॉ. रामकृष्ण लाल जगमग ने सर सैयद अहमद खां के योगदान पर प्रकाश डाला। कहा कि उन्हेें तत्कालीन समाज के अनेक आलोचनाओं से गुजरना पड़ा किन्तु वे हिम्मत नहीं हारे और लक्ष्य पर आगे बढते रहे।
कबीर साहित्य सेवा संस्थान द्वारा जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष राजेन्द्रनाथ तिवारी का फूल मालाओं के साथ स्वागत किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से डा. वाहिद अली सिद्दीकी, श्याम प्रकाश शर्मा, पं. चन्द्रबली मिश्र, लवकुश सिंह, सुखराम प्रजापति, बसन्त लाल आदि उपस्थित रहे।