Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
अवैध वसूली का प्रतिदिन लाखों रूपया गटक रहा है आबकारी विभाग व ठेकेदार, जिम्मेदार बने अन्जान डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के बस्ती आगमन पर हुए खर्च का नटवरलाल स्टेनो ने विभाग मे शुरू किया अवैध वसूली ... बिना न्यूरो सर्जन के डा0 प्रमोद चौधरी ने किया महिला के सिर का आपरेशन, हो गयी थी मौत वाह रे स्वास्थ्य विभागं........गोरखपुर लखनउ दिल्ली से अल्ट्रासाउंड करने प्रतिदिन बस्ती आते हैं कथित ... गैंगरेप के आरोपियों को नगर पुलिस दे रही है खुला संरक्षण नशेडियों व अपराधियों के आगे नतमस्तक हुई पुरानी बस्ती पुलिस, एक माह के बाद भी नही दर्ज हुआ मुकदमा मरीजों के जीवन के लिए वरदान साबित हो रहा है मरियम हार्ट एवं मल्टीस्पेशलटी हास्पिटल इंस्पेक्टर शांशक शेखर राय ने संभाला थाना पुरानी बस्ती का कार्यभार रेलवे स्टेशन पर लोगों से मारपीट करने वाले दो अराजक तत्व गिरफ्तार अराजकता व अपराध के आग मे झुलस रहा है बस्ती का रेलवे स्टेशन

डीएम, सीएमओ और थाना वाले लेते हैं….घूसः डा. सुशील शर्मा

जज साहब और दरोगा की कहानी लघुकथा का किया शानदार चित्रण

डा. सशील शर्मा का बयान वीडियो कैमरे मे हो गया कैद

कबीर बस्ती न्यूज।

बस्ती। डीएम और सीएमओ और थाना वाले घूस लेते हैं……यह कहना है शर्मा हास्पिटल छावनी बस्ती के प्रबन्धक डा. सुशील शर्मा का। डाक्टर साहब ने तो न्यायपालिका को भी निपटा दिया। उन्होने जज और दरोगा के बीच की कहानी को लघुकथा का शानदार चित्रण किया। डाक्टर साहब ने न्यायपानिका, कार्यपालिका और पत्रकारिता को कठघरे मे खडा करते हुए एक बडा सवाल खडा कर दिया डा. सुशील शर्मा का उपरोक्त बयान वीडियो कैमरे मे कैद हो गया। हलांकि डा0 सुशील ने सही आरोप लगाया या झूठ यह तो जांव कराने पर ही पता चलेंगा।

भारत कनेक्ट की टीम शुक्रवार को शर्मा हास्पिटल छावनी मे दो माह पूर्व प्रसव के दौरान हुए एक नवजात के संदिग्ध मौत के मामले मे हास्पिटल के वर्तमान गतिविधियों का पडताल करने शर्मा हास्पिटल छावनी पहुंची थी। प्रेस की टीम को देखते ही बीएएमएस डा0 सुशील शर्मा अपना आपा खो बैठे और नवजात के मौत के वास्तविक कारणों को बनाने से इन्कार कर दिया। डा0 शर्मा ने कहा कि मेरा बेटा और बहू दोनों एमबीबीएस डाक्टर हैं और सरकारी जॉब मे हैं मेरा कलेक्टर भी कुछ नही बिगाड सकता। यहां तों वही कहावत है एक तो चोरी उपर से सीनाजोरी। स्थानीय लोग बताते हैं कि अवैध कार्यों एमटीपी आदि को लेकर यह हास्पिटल चर्चा मे रहता है। उंची पकड और जुगाड के बल पर शर्मा हास्पिटल अबाध गति से संचालित है।

सही तो यह है कि डा0 सुशील शर्मा  की डाक्टरी डिग्री ही संदिग्ध है वे अपने नाम के साथ बीएएमएस, फिजीशियन एण्ड सर्जन के साथ ही हड्डी रोग तथा बाल रोग बिशेषज्ञ भी लिखते हैं। बोर्ड पर लिखी गयी यह डिग्रियां जिम्मेदार अधिकारियों को भी नही दिखाई देती हैं। जिसके कारण आम जनमानस ऐसे डाक्टरों से छला और ठगा जाने पर मजबूर है।