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एम्बुलेंस चालक देखता है मरीज….. लिखता है दवा, विभाग बना अन्जान

इन निजी अस्पतालों का नही है पंजीकरण, विभाग के रहमोकरम पर चल रहा है गोरखधंधा

कबीर बस्ती न्यूज।

बस्ती। जिले मे योगी राज मे स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। यहां डाक्टरों को तो छोडिए… ऐम्बुलेंस चालक, टेक्सी चालक मरीज देख रहे हैं और दवाऐ लिख रहे हैं। विभागीय जिम्मेदार भी मस्त हैं। मस्त भी क्यों न हों ऐसे निजी अस्पतालों से बंधी-बधाई सुविधा शुल्क समय से पहुच रहा है।

यह दृश्य भानपुर सीएचसी के सामने स्थित पब्लिक हास्पिटल का है। जिसका न तो विभाग मे कोई पजीकरण है और न ही प्रशिक्षित डाक्टर हैं। लेकिन अस्पताल धडल्ले से चल रह है। निरीह अन्जान मरीज लूटे जा रहे हैं। प्रदेश सकार स्वास्थ्य सेवाओं ला बेहतर बनाने का    प्रयास करे लेकिन स्वास्थ्य माफिया चन्द पैसों के लालच मे निरीह मरीजों के जान से खेलने मे बाज नही आते है। पब्लिक हास्पिटल मे मरीेजों को डाक्टर नही बल्कि एम्बुलेंस चालक देखता है और दवा भी लिखता है और बडे पैमाने पर गर्भपात भी करता है। अब आप ही विचार करिए कि अज्ञान मरीजों का क्या हाल होता होगा। समूचे प्रकरण मे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौन साधे हुए है। बिल्कुल वही हाल दुबौली स्थित कृष्णा हास्पिटल तथा लखनउ सिटी हास्पिटल भानपुर का है। जहां महिलाओं से सम्बन्धित सभी प्रकार के रोगों का इलाज करने का दावा कि जाता है।

इस सम्बन्ध मे एसीएमओ डा0 ऐ.के. मिश्र ने कहा कि शीघ्र ही ऐसे निजी अस्पतालों को चिन्हित कर कार्रवाई की जायेगी।