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शैक्षिक उन्नयन संगोष्ठी में परिषदीय छात्रों को समर्थ बनाने का संकल्प

 शिक्षक ठान लें तो कुछ असंभव नहीं- अखिलेश शुक्ल

कबीर बस्ती न्यूज,बस्ती।उ0प्र0।

रविवार को बड़े बन के निकट स्थित एक मैरेज हाल में आकाश मिश्र के संयोजन में शैक्षिक उन्नयन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी को   सम्बोधित करते हुये शिक्षक नेता अखिलेश शुक्ल ने कहा कि शिक्षक ही समाज में रचनात्मक बदलाव ला सकते हैं। शिक्षक अपने दायित्वों का निष्ठा से निर्वहन करें तो परिषदीय विद्यालय उदाहरण बनकर सामने आयंेगे। कहा कि 69000 शिक्षकों की भर्ती एक बड़ी चुनौती थी और संघर्ष करने वाले विजेता बनकर उभरे, उपलब्धि का एक वर्ष बीत गया ऐसे में यह विमर्श और अधिक प्रभावी हो जाता है। कहा कि शिक्षक ठान लें तो कुछ असंभव नहीं है।
शैक्षिक उन्नयन संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुये विनय प्रताप सिंह, अंशुमन सिंह, पंकज वर्मा, जय सिंह,  विनय पाण्डेय, गोपाल दूबे, अजीत वर्मा, रवीश मिश्रा, ने कहा कि ‘एक साल नई मिसाल’ का संकल्प लेकर हमें उन बच्चों को समर्थ बनाने का संकल्प लेना होगा जिनके अभिभावक आर्थिक संकटों से जूझ रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि ज्ञान का आर्थिक समृद्धि से कोई  सीधा सम्बन्ध नहीं है। सुकरात से लेकर अब्राहिंम लिंकन, स्वामी विवेकानन्द, डा. सर्व पल्ली राधा कृष्णन, पूर्व राष्ट्रपति डा. अब्दुल कलाम तक अनेक ऐसे उदाहरण हैं जिन्होने कठिनाईयों को संकल्प पूर्ति का सीढी बनाया और विश्वपटल पर उदाहरण बनकर उभरे। परिषदीय शिक्षकों को पुरानी पेंशन नीति बहाली के लिये संघर्ष के साथ ही छात्रों को समर्थ बनाने के दायित्वों का निर्वहन करना होगा। संगोष्ठी का संचालन विवेककान्त पाण्डेय ने किया।
संगोष्ठी में मुख्य रूप से विपिन सिंह, उत्तम दूबे, दीपक वर्मा, पंकज गुप्ता, मनीष पाण्डेय, अभय सिंह, राजबहादुर गुप्ता, विश्वजीत गुप्ता, जय किशन सिंह, विनोद यादव, स्वयंधर चौधरी, ज्योति त्रिपाठी, अंकिता सिंह, तनू यादव, रेखा मिश्रा के साथ ही बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल रहे।