Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
अवैध वसूली का प्रतिदिन लाखों रूपया गटक रहा है आबकारी विभाग व ठेकेदार, जिम्मेदार बने अन्जान डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के बस्ती आगमन पर हुए खर्च का नटवरलाल स्टेनो ने विभाग मे शुरू किया अवैध वसूली ... बिना न्यूरो सर्जन के डा0 प्रमोद चौधरी ने किया महिला के सिर का आपरेशन, हो गयी थी मौत वाह रे स्वास्थ्य विभागं........गोरखपुर लखनउ दिल्ली से अल्ट्रासाउंड करने प्रतिदिन बस्ती आते हैं कथित ... गैंगरेप के आरोपियों को नगर पुलिस दे रही है खुला संरक्षण नशेडियों व अपराधियों के आगे नतमस्तक हुई पुरानी बस्ती पुलिस, एक माह के बाद भी नही दर्ज हुआ मुकदमा मरीजों के जीवन के लिए वरदान साबित हो रहा है मरियम हार्ट एवं मल्टीस्पेशलटी हास्पिटल इंस्पेक्टर शांशक शेखर राय ने संभाला थाना पुरानी बस्ती का कार्यभार रेलवे स्टेशन पर लोगों से मारपीट करने वाले दो अराजक तत्व गिरफ्तार अराजकता व अपराध के आग मे झुलस रहा है बस्ती का रेलवे स्टेशन

दुर्घटना में घायलों को पहुंचाएं अस्पताल, पाएं पांच हजार का इनाम

−   गुड सेमेरिटन ( नेक आदमी ) को घायल को एक घंटे में पहुंचाना होगा अस्पताल

−   नेक आदमी को नहीं किया जाएगा परेशान, नाम बताने की बाध्यता भी नहीं होगी

कबीर बस्ती न्यूजः

संतकबीरनगर: सड़क हादसे के दौरान समय पर अस्पताल न पहुंचने से अधिकांश लोग या तो असमय काल के गाल में समा जाते हैं या फिर विभिन्न अंगों में रक्त प्रवाह बाधित होने से शरीर के अंग शिथिल हो जाते हैं। किसी भी दुर्घटना के दौरान घायल के लिए एक घंटे का समय गोल्डन आवर होता है। इसके बीच अगर उसे उपचार मिल जाता है तो सड़क हादसों में मौत की संख्या को कम किया जा सकता है। किसी भी सड़क हादसे के दौरान अगर किसी घायल व्यक्ति को कोई गुड सेमेरिटन ( नेक आदमी ) गोल्डन आवर ( एक घंटे के अन्दर ) अस्पताल पहुंचाता है तो उसे पांच हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा।

यह जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ इन्द्र विजय विश्वकर्मा ने बताया कि सड़क हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने वाले गुड सेमेरिटन (नेक आदमी) कम नजर आ रहे हैं। घायलों को गोल्डन आवर (एक घंटे) के अंदर अस्पताल पहुंचाने पर पांच हजार रुपये पुरस्कार देने की व्यवस्था की गई है। उन्होने लोगों से आगे बढ़कर घायलों की मदद करने की अपील की है। उन्होने बताया कि नेक आदमी एक वर्ष में अधिकतम पांच बार यह पुरस्कार ले सकता है। नेक आदमी को न तो परेशान किया जाएगा न ही उसको अपना नाम बताने की बाध्यता रहेगी। जिले के हर अस्पताल में इस बात का पोस्टर लगाया गया है। साथ ही सोशल मीडिया के जरिए भी इसे प्रसारित किया जा रहा है।

आनलाइन खाते में जाएगा पैसा

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि घायल व्यक्ति को गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाने के बाद पुलिस को सूचना देनी होगी। डीएम की अध्यक्षता में गठित मूल्यांकन समिति पुरस्कार का निर्णय करेगी। समिति में पुलिस अधीक्षक, सीएमओ और एआरटीओ (प्रवर्तन) सदस्य होंगे। समिति चयनित व्यक्तियों के नाम परिवहन आयुक्त, लखनऊ को भेजेगी। वहां से पुरस्कार राशि गुड सेमेरिटन ( नेक आदमी ) के खाते में सीधे आनलाइन भेज दी जाएगी।

गवाह बनने के लिए बाध्य नहीं है नेक आदमी

डॉ. विश्वकर्मा ने बताया कि नेक आदमी को किसी भी तरह से परेशान नहीं किया जाएगा। उसे किसी भी दुर्घटना में गवाह बनने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। अगर वह स्वेच्छा से अपना नाम पता अस्पताल या पुलिस थाने में दर्ज कराता है तो उससे अधिकतम एक बार ही उसके द्वारा बताए गए स्थान व समय पर पूछताछ की जाएगी। उसे बार बार परेशान नहीं किया जाएगा।