Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
अवैध वसूली का प्रतिदिन लाखों रूपया गटक रहा है आबकारी विभाग व ठेकेदार, जिम्मेदार बने अन्जान डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के बस्ती आगमन पर हुए खर्च का नटवरलाल स्टेनो ने विभाग मे शुरू किया अवैध वसूली ... बिना न्यूरो सर्जन के डा0 प्रमोद चौधरी ने किया महिला के सिर का आपरेशन, हो गयी थी मौत वाह रे स्वास्थ्य विभागं........गोरखपुर लखनउ दिल्ली से अल्ट्रासाउंड करने प्रतिदिन बस्ती आते हैं कथित ... गैंगरेप के आरोपियों को नगर पुलिस दे रही है खुला संरक्षण नशेडियों व अपराधियों के आगे नतमस्तक हुई पुरानी बस्ती पुलिस, एक माह के बाद भी नही दर्ज हुआ मुकदमा मरीजों के जीवन के लिए वरदान साबित हो रहा है मरियम हार्ट एवं मल्टीस्पेशलटी हास्पिटल इंस्पेक्टर शांशक शेखर राय ने संभाला थाना पुरानी बस्ती का कार्यभार रेलवे स्टेशन पर लोगों से मारपीट करने वाले दो अराजक तत्व गिरफ्तार अराजकता व अपराध के आग मे झुलस रहा है बस्ती का रेलवे स्टेशन

अमनमणि त्रिपाठी को टिकट देने का विरोध में निधि शुक्ला और सीमा सिंह बैठी बीएसपी कार्यालय के बाहर धरने पर

टिकट को लेकर BSP कार्यालय के बाहर धरना

मधुमिता शुक्ला की बहन व सारा सिंह की मां ने खोला मोर्चा

कबीर बस्ती न्यूजः

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. दागियों को टिकट देने का फैसला कई पार्टियों पर भारी भी पड़ सकता है. पत्नी की हत्या के आरोपी अमनमणि त्रिपाठी को अपना उम्मीदवार बनाना बहुजन समाज पार्टी के लिए खतरा पैदा कर सकता है. अमनमणि त्रिपाठी को महराजगंज के नौतनवा सीट से टिकट मिलने के बाद उनकी सास सीमा सिंह ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. इस बीच लखनऊ में कवयित्री मधुमिता शुक्ला की बहन निधि शुक्ला और सारा सिंह की मां सीमा सिंह बीएसपी कार्यालय के बाहर अमनमणि त्रिपाठी को टिकट दिए जाने के खिलाफ धरने पर बैठ गई है. सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मधुमिता शुक्ला की बहन निधि शुक्ला को हिरासत में गौतमपल्ली थाने लेकर गई है. इससे पहले सारा सिंह ने बसपा सुप्रीमो मायावती पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ मायावती कानून की बात करती हैं तो दूसरी तरफ कानून हाथ में लेने वाले को बसपा का उम्मीदवार बनाती हैं. इस तरह कैसे प्रदेश में मां-बहनों की रक्षा हो सकेगा. उधर, कवियत्री मधुमिता शुक्ला की बहन निधि शुक्ला ने भी अमन को टिकट देने पर नाराजगी जाहिर की है. निधि ने कहा कि जब मायावती मुख्यमंत्री थीं, तब वे मधुमिता हत्याकांड में न्याय दिलवा रही थीं. लेकिन आज उसी आरोपी को अपनी पार्टी का टिकट दे रही हैं. ये कैसा न्याय है.