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समाजवादियों ने अहिल्याबाई होल्कर को जयंती पर किया नमन्

कबीर बस्ती न्यूज:

बस्ती।  समाजवादी पार्टी कार्यालय पर वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष सिद्धेश सिन्हा  की अध्यक्षता में अहिल्याबाई होल्कर को उनकी 297 वीं जयंती पर याद किया गया। सिद्धेश सिन्हा ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर का जन्म 31 मई, 1725 को महाराष्ट्र राज्य के चौंढी नामक गांव (जामखेड़ा, अहमदनगर) में हुआ था। वह एक सामान्य-सी किसान की पुत्री थीं। 10 या 12 वर्ष की उम्र में उनका विवाह सूबेदार मल्हार राव होल्कर के पुत्र खंडेराव से हुआ था और महज 19 वर्ष की उम्र में ही वे विधवा भी हो गई थीं। 11 दिसम्बर, 1767 में अहिल्याबाई होल्कर का राज्याभिषेक हुआ, तत्पश्चात् उन्होंने अपने राज्य की सीमाओं के बाहर भारत के प्रसिद्ध तीर्थों और स्थानों में मन्दिर बनवाए, घाट बनवाए, कुओं और बावड़ियों का निर्माण कराया, मार्ग बनवाए तथा प्यासों के लिए प्याऊ बनवाए तथा मन्दिरों में विद्वानों की नियुक्ति कराई। बताया कि अहिल्याबाई खुद धर्मपरायण तथा कर्तव्यपरायण महिला थीं। वे हर रोज ईश्वर की प्रार्थना करती और सभी धार्मिक क्रियाकलापों को स्वयं ही संपन्न करती थीं। उन्होंने सबसे पहले भारत में नारी शिक्षा के महत्त्व को समझा और समाज में नारी शिक्षा के लिए जागृति पैदा की। इनके प्रयासों की वजह से समाज में नारी चेतना विकसित हुई। तीन दशक के अपने राज्य का सफल दायित्वपूर्ण राज-संचालन करती हुई अहिल्याबाई 13 अगस्त, 1795 को नर्मदा तट पर महेश्वर के किले में हमेशा के लिए महानिद्रा में सो गईं। उनका योगदान सदैव याद किया जायेगा।
अहिल्याबाई के चित्र पर माल्यार्पण के बाद पूर्व विधायक राजमणि पाण्डेय, जावेद पिण्डारी, सुरेन्द्र सिंह छोटे आदि ने कहा कि वह साहसी महिला थी और समाज जब विषम परिस्थितियों से गुजर रहा था उन्होने नारी समाज को शिक्षा से जोड़ने की दिशा में अलख जगाया। उनका योगदान सदैव याद किया जायेगा। जयंती अवसर पर अहिल्याबाई को नमन् करने वालों में जुवेदा खातून, राजेन्द्र चौरसिया, अखिलेश यादव, मो. जावेद, जहीर अंसारी, प्रशान्त यादव, मो. स्वालेह, अमित गौड़, रामशंकर निराला, राजेश आर्य, मुनिराम आजाद, प्रवीन यादव, राजेन्द्र यादव, अनिल निषाद, अजीत यादव, विशाल सोनकर, चीनी चौधरी, जोखूलाल यादव, मुनिराम आजाद,    अवधेश चौधरी, पवन कुमार, ओम प्रकाश सोनकर, पन्नालाल यादव, गुलाम गौस, रामचन्द्र यादव आदि शामिल रहे।