Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
अवैध वसूली का प्रतिदिन लाखों रूपया गटक रहा है आबकारी विभाग व ठेकेदार, जिम्मेदार बने अन्जान डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के बस्ती आगमन पर हुए खर्च का नटवरलाल स्टेनो ने विभाग मे शुरू किया अवैध वसूली ... बिना न्यूरो सर्जन के डा0 प्रमोद चौधरी ने किया महिला के सिर का आपरेशन, हो गयी थी मौत वाह रे स्वास्थ्य विभागं........गोरखपुर लखनउ दिल्ली से अल्ट्रासाउंड करने प्रतिदिन बस्ती आते हैं कथित ... गैंगरेप के आरोपियों को नगर पुलिस दे रही है खुला संरक्षण नशेडियों व अपराधियों के आगे नतमस्तक हुई पुरानी बस्ती पुलिस, एक माह के बाद भी नही दर्ज हुआ मुकदमा मरीजों के जीवन के लिए वरदान साबित हो रहा है मरियम हार्ट एवं मल्टीस्पेशलटी हास्पिटल इंस्पेक्टर शांशक शेखर राय ने संभाला थाना पुरानी बस्ती का कार्यभार रेलवे स्टेशन पर लोगों से मारपीट करने वाले दो अराजक तत्व गिरफ्तार अराजकता व अपराध के आग मे झुलस रहा है बस्ती का रेलवे स्टेशन

पात्र बच्चों को जरूर खिलवाएं कीड़े मारने की दवा

मॉप अप राउंड के दौरान दवा खाने का आखिरी मौका आज

कबीर बस्ती न्यूजः

बस्ती। एक साल से 19 साल तक के सभी बच्चों को पेट के कीड़े मारने की दवा जरूर खिलवाएं। 10 फरवरी को नेशनल डिवार्मिंग डे के अवसर पर विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर दवा खिलाने के बाद छूटे हुए बच्चों को दवा खिलाने के लिए बुधवार को मॉप अप राउंड के दौरान आखिरी मौका है। साल में दो बार चलने वाले इस अभियान के दौरान दवा खाने के बाद पेट में पलने वाले कीड़े मर जाते हैं। दवा खाने से जहां एक ओर कई प्रकार की गम्भीर बीमारियों से बचा जा सकता है, वहीं बच्चे कुपोषण से भी बचाव होता है।

सीएमओ डॉ. आरपी मिश्र ने बताया कि कीड़े मारने की दवा विद्यालयों व आंगनबाड़ी केंद्रों में उपलब्ध है। जिन बच्चों ने दवा नहीं खाई है, अभिभावक जरूर ऐसे बच्चों को दवा खिलवाएं। जो बच्चे स्कूल नहीं जाते हैं, उन्हें आंगनबाड़ी केंद्र पर दवा खिलाई जा रही है।

डीसीपीएम दुर्गेश मल्ल ने बताया कि कुल 2133 विद्यालयों व 2655 आंगनबाड़ी केंद्रों पर दवा खिलाने की सुविधा उपलब्ध है। 11.99 लाख बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित है। नेशनल डिवार्मिंग डे पर 65 प्रतिशत बच्चों को दवा खिलवाई जा चुकी थी। अब तक लगभग 78 प्रतिशत बच्चे दवा का सेवन कर चुके हैं। शेष बच्चों को बुधवार तक दवा खिलावाने का लक्ष्य है।

एसीएमओ आरसीएच डॉ. एके गुप्ता ने बताया कि पेट में कीड़े होने से शरीर में खून की कमी हो जाती है। बच्चे हमेंशा थकान महसूस करते हैं। शारिरिक व मानसिक विकास बाधित हो जाता है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है, जिससे बच्चे जल्दी बीमार पड़ सकते हैं। साल में दो बार दवा खिलाने से इससे बचा जा सकता है। दवा खिलाने से पहले बच्चों को कुछ जरूर खिलवा दें, खाली पेट दवा न खिलवाएं।