ब्रेकिंग न्यूज़
वाह रे स्वास्थ्य विभागं........गोरखपुर लखनउ दिल्ली से अल्ट्रासाउंड करने प्रतिदिन बस्ती आते हैं कथित ... गैंगरेप के आरोपियों को नगर पुलिस दे रही है खुला संरक्षण नशेडियों व अपराधियों के आगे नतमस्तक हुई पुरानी बस्ती पुलिस, एक माह के बाद भी नही दर्ज हुआ मुकदमा मरीजों के जीवन के लिए वरदान साबित हो रहा है मरियम हार्ट एवं मल्टीस्पेशलटी हास्पिटल इंस्पेक्टर शांशक शेखर राय ने संभाला थाना पुरानी बस्ती का कार्यभार रेलवे स्टेशन पर लोगों से मारपीट करने वाले दो अराजक तत्व गिरफ्तार अराजकता व अपराध के आग मे झुलस रहा है बस्ती का रेलवे स्टेशन रेलवे स्टेशन पर अवैध धन उगाही पर किया सवाल तो पत्रकार को मिली जान से मार देने की धमकी घारी मे टीनशेड के नीचे बिना पंजीकरण के चल रहा है कथित मेडिकल कालेज, तमाशबीन बना स्वास्थ्य प्रशासन सीएमओ का नटवरलाल स्टेनो अनिल चौधरी का कारनामाः 15 दिनो तक दबा कर बैठा रहा सीएमओ का जांच आदेश

जयन्ती पर याद किये गये भगत सिंह, चित्रांश क्लब ने किया नमन्

कबीर बस्ती न्यूज बस्ती।उ0्रप्र0।

शहीेदे आजम भगत सिंह के जयंती अवसर पर उन्हें चित्रांश क्लब की ओर से याद किया गया। मंगलवार को क्लब अध्यक्ष सत्येन्द्र श्रीवास्तव के संयोजन में शिविर कार्यालय ब्लाक रोड पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने भगत सिंह के जीवन संघर्ष पर प्रकाश।
चित्रांश क्लब अध्यक्ष सत्येन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि भगत सिंह को ब्रिटिश औपनिवेशिक शासकों ने 23 साल की उम्र में फांसी पर लटका दिया था। भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को पंजाब प्रांत में हुआ था। ये हिस्सा अब बंटवारे के बाद पाकिस्तान में पड़ता है। भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव तीनों स्वतंत्रता सेनानियों ने मिलकर ब्रिटिश शासकों की रातों की नींद उड़ा दी। भगत सिंह अपने साहस और देशभक्ति से भारत की आने वाली कई पीढ़ियों को प्रेरित करेंगे। भगत सिंह ने आजादी की लड़ाई के दौरान कई नारे भी दिए, जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हैं। भगत सिंह ने कहा था कि ‘बम और पिस्तौल से क्रांति नहीं होती। क्रांति की तलवार विचारों के पत्थर पर तेज होती है’ नई पीढी को उनके विचारों से प्रेरणा लेने की जरूरत है।

जयन्ती पर भगत सिंह को याद करने वालों में चित्रांश क्लब के अश्विनी श्रीवास्तव, राणा विजय प्रताप सिंह, मनोज श्रीवास्तव, मुनव्वर ,  संध्या दीक्षित, अभिषेक श्रीवास्तव रवि, राज श्रीवास्तव अमित दुबे आदि शामिल रहे।