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सूर्य नमस्कार करने से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का होता है प्रवाह – डॉ वी.के.श्रीवास्तव

कबीर बस्ती न्यूज:
बस्ती: आजादी  के अमृत महोत्सव के अवसर पर क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी कार्यालय कैम्पस में सूर्य नमस्कार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन योग प्रशिक्षिका कु० सन्नो दुबे ने किया। इस अवसर पर कार्यालय के सभी कर्मचारियों ने सूर्य नमस्कार क्रिया में भाग लिया। सूर्य नमस्कार के द्वारा शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डा० वी० के० श्रीवास्तव ने प्रकाश डालते हुये बताया कि सूर्य नमस्कार करने से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रबल प्रवाह होता है जिससे शरीर की सभी नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मनुष्य शारीरिक एवं आत्मिक रूप से बलवान होता है। इस क्रिया के समस्त आसन करने से शरीर में रक्त प्रवाह नियमित हो जाता है जिससे शरीर स्वस्थ्य रहती है। योग प्रशिक्षिका सन्नो दुबे ने कहा कि हमें नियमित रूप से सूर्य नमस्कार का अभ्यास करते रहना चाहिए।आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर मां भारती के चरणो में 75 करोड़ सूर्य नमस्कार समर्पित करने के लिए आयुष मंत्रालय भारत सरकार ने योजना बनाई है आजादी के अमृत महोत्सव पर योग और यज्ञ के द्वारा पूरी दुनिया को लाभ पहुंचाने के लिए माननीय प्रधानमंत्री जी ने यह योजना तैयार की है उनका मुख्य उद्देश्य है कि लोग योग की इस सुंदर विधा से जुड़ कर के अपने संस्कार को उत्तम और विचारों को दिव्य बनाएं जिससे भारतवर्ष खुशहाल हो सके योग को अपनाने से जहां लोगों के स्वास्थ्य उत्तम होंगे वही उनके विचारों में भी दिव्यता आएगी जिससे आपसी मतभेद समाप्त होंगे और भाईचारे की भावना विकसित होगी।
डा० कल्पना ने अपने विचार क्यक्त करते हुये कहा सूर्य नमस्कार यूं तो योग साधना का ही हिस्सा है लेकिन यह हमारे तन और मन को ही नहीं बल्कि सूक्ष्म शरीर को भी जीवंतता प्रदान करता है। इस अवसर पर विश्व संवाद परिषद योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर डॉ नवीन सिंह, जय नाथ सिंह, राम प्रकाश पाठक , श्री मती मिथलेश पाण्डेय, श्रीमती मंजू लता ओझा, नूर बाबू, विकास सिंह, अंकुरम यादव, प्रशान्त यादव, दुर्गेश यादव, सुनील पाण्डेय, बाबू लाल , राम ललित, त्रिलोकी नाथ, राम औतार, कमलेश, राम नरेश, सुरेश, शीला देवी, लक्ष्मीकान्त पाण्डेय, विनोद कुमार पाण्डेय, दिलीप कुमार आदि उपस्थित रहे।

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